दिल का हाल
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यह ख्वाहिशों की दरिया है, यहां पाना सब कुछ मुश्किल, वही जिएगा इस दुनिया में , इस पास ना रखता हो दिल , तू चल अकर के मार पकड़ के, दुनिया को रख तू मुट्ठी में , जो मिला उसे तू पहले खा, बाद में मिलेगा तुझे जूठी में, अंगूठी में यहां लगते नकली हीरे हैं, लोहे पर चढ़ाते पानी , और कहते असली नगीने हैं, यहां जीना है सबको चाहे मार के आगे बढ़ना, यहां कहना सहना सबका , मेहनत का पसीना न बहना , सब कुछ करके मैंने देख लिया, यहां पैसों का मोह माया है, जो भी किया है मैंने सब लौट के वापस आना है, कुछ करना है क्यों डरना है हम खुद मर्जी के मालिक, हम रोज सुनते लाखों बसेड़ी उनको भी तो आ लिख, खाली यह फिस लेते स्कूल में , शिक्षा में कुछ भी यहां मिले ,
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यह ख्वाहिशों की दरिया है, यहां पाना सब कुछ मुश्किल, वही जिएगा इस दुनिया में , इस पास ना रखता हो दिल , तू चल अकर के मार पकड़ के, दुनिया को रख तू मुट्ठी में , जो मिला उसे तू पहले खा, बाद में मिलेगा तुझे जूठी में, अंगूठी में यहां लगते नकली हीरे हैं, लोहे पर चढ़ाते पानी , और कहते असली नगीने हैं, यहां जीना है सबको चाहे मार के आगे बढ़ना, यहां कहना सहना सबका , मेहनत का पसीना न बहना , सब कुछ करके मैंने देख लिया, यहां पैसों का मोह माया है, जो भी किया है मैंने सब लौट के वापस आना है, कुछ करना है क्यों डरना है हम खुद मर्जी के मालिक, हम रोज सुनते लाखों बसेड़ी उनको भी तो आ लिख, खाली यह फिस लेते स्कूल में , शिक्षा में कुछ भी यहां मिले ,