ज़माने के इल्ज़ाम

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ज़माने के इल्ज़ाम

🤭कर भी लीजिए एहतराम नहीं झूटे ज़माने के इल्ज़ाम सारा दिन यहां-वहां आवारगी छोड़कर रोज़मर्रा के काम एकदिन सब सामने आयेगा फिरोगे गली गली बदनाम कितने मासूम थे तुम कभी देखना हो जाओगे गुमनाम🤭 🧚‍♀️प्रकाश पाखरे🧚‍♀️

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7 months ago

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