ख़ुद सोये न सोने दे रात
0:00
0:00
इस रात को क्या हुआ नींद से दुश्मनी है क्या न ख़ुद सोती है न हमें सोने देती है ये हवा दीवानी है क्या मौसम से रूठी है क्या थम-थम के चलती है ख़ुद बेचैन न चैन लेने देती है ये हुस्न को क्या हुआ फीकी क्यों है चेहरे की रंगत या दीदार न मिला उस सूरत का जो मुरझायी आंखों में चमक भर देती है
You may also like

Leave a comment
See track description ↑