अपना हुनर आज़माना
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😌ख़्वाबों को हक़ीक़त में ढालना यार-दोस्तों से थोड़ी उम्मीद रखना अंधेरे से रोशनी की तरफ़ चलना ज़रूरी नहीं था मजबूरी नहीं था था जुनून पहचान अपनी बनाने का अपने हुनर को थोड़ा आज़माने का लेकिन क़दम क़दम पर रुक न पाना रफ़्तार का तक़ाज़ा कोरी चाह नहीं था दुनिया अपनी तरफ़ खींचे-भरमाये हम अपने आप से थोड़ा घबराये सोच के भवंर में डूबे और उतराये ख़ौफ़ खाना या ख़ुद से दूरी नहीं था😌 🤔प्रकाश पाखरे🤔
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