नेरे शौक़ मुझमें ढलने दो
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🧑🔧मुझे मेरे रंग में रंगने दो मेरे शौक़ मुझमें ढलने दो मेरी उमंगों के मौसम निराले आरज़ुओं में रोज़ पलने वाले मैंने देखे हैं कई अनौखे सपने जो हैं बस ख़ास मेरे ही अपने इनके संग संग मुझे चलने दो इन्हीं के संग मुझे मचलने दो ये शौक़ बन जायेंगे ज़िदगी इनमें दिखेगी मेरी ही बंदगी लोग चाहेंगे इन्हें ही सीखना हर राह में हमेशा आगे बढ़ना इन्हें थोड़ा अलग तो लगने दो मुझे अपने आप संभलने दो🧑🔧 ❤️प्रकाश पाखरे❤️
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