koi nahi saath mere
जिंदगी की इस रेस में अपने पीछे छूठ गए.. सब को खुश रखने में अपने ख़्वाब टूट गए... अपने लिए जिया तो यह सारे रूठ गए.. ग़म के काले बादल अब मेरे अपने हो गए... टूट गए हां ख्वाब मेरे मेरे साथ नहीं कोई जो मेरा साथ देदे.. फिर भी तेरा भाई अकेले ही सब को मात देदे.. अकेले आए थे इस जंगल में अब उसी जंगल के हम शेर बेटे.. पेले हैं हम ने बंदे खूब तेरे जैसे हमें देख तेरी गैंग खुद साइड होले.. तू क्या हम से भिड़ेगा जहां दिखेगा वहीं पिटेगा.. जो हम से भिड़ेगा बो मिटेगा हमारे आगे न कोई टिकेगा.. यह बो शेर जो पूरे जंगल पे राज करेगा.. छुप के नहीं सामने से बार करेगा.. तेरे जैसे नकली रैपरों को गेम से बाहर करेगा.. चलेगा एक दिन अपना भी गाना चलेगा... अपना भी फैन पेज बनेगा अपने भी नाम का सिक्का चलेगा.. जो आज हम को नहीं जानता कल बोई हमसे आ के मिलेगा.. कीचड़ होगी तभी तो कमल खिलेगा बारिश होगी तभी तो पानी मिलेगा मुश्किलें होगी तभी तो उनसे लड़ेगा.. मुसीबतों का सामना करेगा तभी तो राजा के तरह जीयेगा.
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