खोता गया

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खोता गया

क्यू उठते सवाल मेरे रहने पे। क्यू उठते सवाल मेरे कहने पे। क्यू उठते सवाल मेरे खाने पे। क्यू उठते सवाल मेरे आने पे। क्यू उठते सवाल मेरे जाने पे। पाता नही क्यो रहता हु में चुप। पाता नही क्यो कहता न में कुछ। पाता नही क्यो सुन लेता हु सब। पहले जैसे हालात न रहे अब। पता है जलते मुझसे यह सब। पता है मुझे अपना है कोन। पता है मुझे पराया है कोन। तभी में रहता मोन। तभी में रहता एलोन। मुझे पता है में हु कोन। मुझे पता है तू है कोन कितने दिन में गायब रहा। किसी को न में याद रहा। कोई न मेरे साथ चला। मेरे हालातो से में लड़ता रहा। चलता गया जो रास्ता चुना उसपे चलता गया। आगे बढ़ता गया जो दिखा लिखता गया। माइक पे आ के बकता गया। जो लिखा उसे रिकॉर्ड करता गया। लिखता गया रातों को में लिखता। बदल सा गया सब से अलग में होता गया। खोता गया मेरे अपनों को में खोता गया।

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2 years ago

क्यू उठते सवाल मेरे रहने पे। क्यू उठते सवाल मेरे कहने पे। क्यू उठते सवाल मेरे खाने पे। क्यू उठते सवाल मेरे आने पे। क्यू उठते सवाल मेरे जाने पे। पाता नही क्यो रहता हु में चुप। पाता नही क्यो कहता न में कुछ। पाता नही क्यो सुन लेता हु सब। पहले जैसे हालात न रहे अब। पता है जलते मुझसे यह सब। पता है मुझे अपना है कोन। पता है मुझे पराया है कोन। तभी में रहता मोन। तभी में रहता एलोन। मुझे पता है में हु कोन। मुझे पता है तू है कोन कितने दिन में गायब रहा। किसी को न में याद रहा। कोई न मेरे साथ चला। मेरे हालातो से में लड़ता रहा। चलता गया जो रास्ता चुना उसपे चलता गया। आगे बढ़ता गया जो दिखा लिखता गया। माइक पे आ के बकता गया। जो लिखा उसे रिकॉर्ड करता गया। लिखता गया रातों को में लिखता। बदल सा गया सब से अलग में होता गया। खोता गया मेरे अपनों को में खोता गया।

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