RAIL FATAK
देख लाला पहले से ही मस्तक की ढुकेलि है तेरी फूटी किस्मत की तो आइडे फुल-तो लागेली है जो पाला पड़ा बिरजू से तुझको तेरी मौत दस्तक दे रैली है नौक तक-तक कर-रैली है भूत माँ के गहने लिए तूने नमूने कामिनी माँ ने महीने भर बहके पसीने हल चला के जब काटि फसल तब तब तू लाठी उठा के हिल-हिल के चलते हुए ाके झूठी विद्या दिखा के तूने बहुत मामू बनाया बहुत मामू बनाया अब बारी हमारी है कोप्चे में अल्मारी है बिरजू जा अलमारी में से सन्दूक ले संदूक में से बन्दूक लेकर आ इसका करदे फुल ‘न’ फाइनल आज ताकेगा तू माँ की लाज नाचेगा तू खाके पांच ाले डाकू लौटा कंगन वर्ण चढेगा तू सुली क्यों मिया! नहीं चढ़ा तो मैंने जलजला ले आना है चल ज़रा तू बॉम्बे ७० वलवला दिखलाना है वहां पाबले की बतर मार्गी पत्थर भागेगा बचकर कैसे तू लाला तेरे बहोत नाटक बाजू में है रेल फाटक फाटक टूटेला है बिरजु हटेला है बूढा थकेला तू एकदम सुखेला है गुस्से में जानता है पीटना तो बनता है खाने के वनदे हैं ४० के कांडे हैं फुटेली चली है खुली विनाली है पब्लिक मावली है तेरे लिए गाली है रस्ते पे खड़े है भाई लोग के अड्डे हैं सैड गयेले मस्ले हहै हंसले कंगन किधर है बे लला हा हा.. लाला.. लाला ोये!. अब बारी हमारी है कोप्चे में अल्मारी है बिरजू जा अलमारी में से सन्दूक ले संदूक में से बन्दूक लेकर आ इसका करदे फुल ‘न’ फाइनल आज ताकेगा तू माँ की लाज नाचेगा तू खाके पांच ाले डाकू लौटा कंगन वर्ण चढेगा तू सुली क्यों मिया! नहीं चढ़ा तो मैंने जलजला ले आना है चल ज़रा तू बॉम्बे ७० वलवला दिखलाना है वहां पाबले की बतर मार्गी पत्थर भागेगा बचकर कैसे तू लाला तेरे बहोत नाटक बाजू में है रेल फाटक फाटक टूटेला है बिरजु हटेला है बूढा थकेला तू एकदम सुखेला है गुस्से में जानता है पीटना तो बनता है खाने के वनदे हैं ४० के कांडे हैं फुटेली चली है खुली विनाली है पब्लिक मावली है तेरे लिए गाली है रस्ते पे खड़े है भाई लोग के अड्डे हैं सैड गयेले मस्ले हहै हंसले कंगन किधर है बे लला हा हा.. लाला.. लाला ोये!.
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