नौ महीने रखा कोख में, वो दर्द तूने झेला,
नौ महीने रखा कोख में, वो दर्द तूने झेला, दुनिया में आने से पहले, मैं तेरे दिल में खेला। जब पहली बार रोया, तो तू मुस्कुराई थी, अपनी नींदें बेचकर, तूने लोरी सुनाई थी। उंगली पकड़ के तूने चलना सिखाया, गिरा जब मैं कभी, तूने सीने से लगाया। मेरी एक चोट पर तेरी आँखें भर आती थीं, खुद भूखी रहती, पर मुझे भर पेट खिलाती थी। (कोरस - 2 बार) खुदा की इबादत क्या, मैंने माँ को देखा है, उसके हाथों की लकीरों में, मेरी सुख की रेखा है। दुनिया की धूप में, तू ही मेरी छाँव है, मेरी सारी खुशियाँ, बस तेरे ही पाँव हैं। (वर्ज़ 2) आज बड़ा हो गया, पर तेरे लिए बच्चा हूँ, दुनिया की नज़र में बुरा, पर तेरे लिए सच्चा हूँ। दुआएँ तेरी सर पे, जैसे कोई ढाल है, तू साथ है तो माँ, फिर हर मुश्किल बेहाल है। मंदिर नहीं गया, पर तेरे पैर छुए हैं, मेरे हर ज़ख्म तेरी ममता से सिए हैं। जन्नत का रास्ता कहीं और क्यों ढूँढना? माँ के कदमों में ही सारे तीर्थ हुए हैं। (आउट्रो) (म्यूजिक धीमा होता है...) पूरी दुनिया एक तरफ, और माँ एक तरफ। लव यू माँ। हमेशा।
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