लवकुश जाटव गीराम पंचायत ढाटोठी का मोसमलवकुश जाटव, गीराम की पहचान,
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लवकुश जाटव गीराम पंचायत ढाटोठी का मोसमलवकुश जाटव, गीराम की पहचान, ढाटोठी की गलियों में, करूँ मैं कमाल, खेतों में मेहनत, सूरज की किरण, पंचायत की बातें, सबको है सुनना, (Verse 2) मोसम बदला, बादल छाए आसमान, गांव की खुशबू, जैसे मधुर गान, चौपाल पर बैठकर, करते हैं चर्चा, सपने हैं बड़े, मेहनत में है सच्चा, (Verse 3) बच्चों की हंसी, गांव की है शान, साथ में सब हैं, यही है पहचान, सर्दी की रातें, अलाव की गर्मी, ढाटोठी के लोग, दिल से हैं सच्चे, (Verse 4) प्यार की बुनाई, रिश्तों में है रंग, गांव की मिट्टी, जैसे जीवन का संग, लवकुश जाटव, नाम जो है बेमिसाल, गांव की पहचान, बना
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