सबकुछ है क़ुदरत के पास
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😘 जब जब हवा चलेगी धरती पल पल निखरेगी जब फूल खिलेंगे ख़ुशबू बिखरेगी बाग़बां तो ख़ुश होगा ही राही भी महकेंगे हवा से हिलती-डुलती डालियों पे पंछी चहकेंगे सबकुछ है क़ुदरत के पास कहीं भी कभी भी कहने-सुनने को😘 ❤️प्रकाश पाखरे❤️
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😂😂😂😂😅😅7/10