khudgarzi

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चारो ओर जहां में खुदगर्ज़ी समाई किसी को समझ नहीं आता मेरे भाई कोई नहीं अपना बस अपनी तन्हाई वो भी हाथ छोड़ गई जब हार मैने कमाई कोई मजबूरियां नी सुनता मेरे भाई शक्ल से ही अब करते है जज इससे ज्यादा ओर क्या होगी अब हद काबिल होते हुए भी जब नकार दे कभी सहा ऐसा दर्द फिर भी हम कूद जाते पूरा करने अपना फर्ज यही साला सबसे बुरा मर्ज हसी रखो face पे कभी कोई साला रूठ जाए ना घंटा फ़र्क पड़ता इन्हे चाहे बन्दा कितना भी टूट जाए दूसरो पे हस्ना ही इन्हे बस शूट आए बोलते है ये देख ना बन्दा कितना cute है बड़ी बाते ना करता बात करता साफ बुरा अगर लगे तो कर देना माफ फर्क नहीं पड़ता अब तुम साथ हो खिलाफ अब आदत हो गई लड़ने की तुमसे जोड़े हाथ चारो ओर जहां में खुदगर्ज़ी समाई किसी को समझ नहीं आता मेरे भाई कोई नहीं अपना बस अपनी तन्हाई वो भी हाथ छोड़ गई जब हार मैने कमाई कोई मजबूरियां नी सुनता मेरे भाई प्यार की तलाश कोई हाथ थाम ले हर एक ज्ञानी बस आके साला ज्ञान दे पीछे हस्ते हालात पे बात करते ना आगे आके सामने रिजल्ट पे focus ना मुझपे कोई ध्यान दे अकेले ही है लड़ना बेटा अब तो तू ये मान ले हार हो जीत सह ले तू शान से तेरी अपनी है वो है खुदा का बयान ये मेहनत तो गधे भी करते कुछ बड़ा अब सोच ले होजा तयार ओर आशु अब पोंछ ले ना दिखती है मजिल तो खुद साला खोज ले फिर साथ होगी तेरे चापलूसों की फौज ये चारो ओर जहां में खुदगर्ज़ी समाई किसी को समझ नहीं आता मेरे भाई कोई नहीं अपना बस अपनी तन्हाई वो भी हाथ छोड़ गई जब हार मैने कमाई कोई मजबूरियां नी सुनता मेरे भाई

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6 years ago

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