पेनफुल

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पेनफुल

माना मजबूर है तू अपनी,हालत से,एक बात कहनी थी।बस,मैडम आप से। बनोगi meri दुल्हन कह देना बाप से। कह देना बाप से मैडम याद से। मुझको रोकेगा कोई क्या तुमसे मिलने से। भूल जाओगी डर को लगेगी जब सीने से। क्या मजा है बोलो न डर के जीने में। भूल जाओगी डर को लगेगी जब सीने से। घर से भगा ले जाऊ, कहीं दूर तो, होगी बदनामी फिर जरूर तो। याद आएगी मां बाप की खूब बदल तो न जाओगी फिर तुम तो २ सुन न बदलेगी तो जाऊंगा मै जेल में बाहर मै आऊंगा जब भी बेल पे दूंगा तुझको मै फिर रेल तो भूल जायेगी धोखे का खेल तू।

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4 months ago

माना मजबूर है तू अपनी,हालत से,एक बात कहनी थी।बस,मैडम आप से। बनोगi meri दुल्हन कह देना बाप से। कह देना बाप से मैडम याद से। मुझको रोकेगा कोई क्या तुमसे मिलने से। भूल जाओगी डर को लगेगी जब सीने से। क्या मजा है बोलो न डर के जीने में। भूल जाओगी डर को लगेगी जब सीने से। घर से भगा ले जाऊ, कहीं दूर तो, होगी बदनामी फिर जरूर तो। याद आएगी मां बाप की खूब बदल तो न जाओगी फिर तुम तो २ सुन न बदलेगी तो जाऊंगा मै जेल में बाहर मै आऊंगा जब भी बेल पे दूंगा तुझको मै फिर रेल तो भूल जायेगी धोखे का खेल तू।

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