दर्द_ए _आशिक।
मैं खोया हुआ सा हु, तेरे खयाल में डूबा हुआ सा हु,,,,,,,,,,। ऐसी याद सताए तेरी,अब मैं टूटा हुआ सा हु। हु,,,,,,,,,,। कागज पे लिखूं,बीते पल को, मैं रहु न रहु,जाना कल को। बस कहानी मेरी रह जाए यहां बेवफाई तेरी बताए सब को। इस कदर बदन मेरा कॉप रहा, बस जिस्म में बची न जान रहा, प्यार किया दिल से मैने, जिसका यही अंजाम रहा। यू तनहा तनहा रोया करु.........। ये तेरा ही अहसान रहा। मैं आशिक जो, महबूब के परवान चढ़ा। 2 मैं खोया खोया सा हु तेरे खयाल में डूबा हुआ सा हु.......। ऐसी याद सताए तेरी,मै टूटा हुआ सा हु। हु,,,,,,,,,,। एक कर एहसान न मुझे पहचान, तूने दिया धोखा रो रहा आसमान। अब लौट के आना मत,बना मै शैतान। मुझे शौख अब शराब का, मैने अंत किया अपने ख्वाब का। मुझे शौख नहीं अब तेरे साथ का। मुझे डर नहीं दिन रात का, मुझे शौख tere sath का।हा........
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मैं खोया हुआ सा हु, तेरे खयाल में डूबा हुआ सा हु,,,,,,,,,,। ऐसी याद सताए तेरी,अब मैं टूटा हुआ सा हु। हु,,,,,,,,,,। कागज पे लिखूं,बीते पल को, मैं रहु न रहु,जाना कल को। बस कहानी मेरी रह जाए यहां बेवफाई तेरी बताए सब को। इस कदर बदन मेरा कॉप रहा, बस जिस्म में बची न जान रहा, प्यार किया दिल से मैने, जिसका यही अंजाम रहा। यू तनहा तनहा रोया करु.........। ये तेरा ही अहसान रहा। मैं आशिक जो, महबूब के परवान चढ़ा। 2 मैं खोया खोया सा हु तेरे खयाल में डूबा हुआ सा हु.......। ऐसी याद सताए तेरी,मै टूटा हुआ सा हु। हु,,,,,,,,,,। एक कर एहसान न मुझे पहचान, तूने दिया धोखा रो रहा आसमान। अब लौट के आना मत,बना मै शैतान। मुझे शौख अब शराब का, मैने अंत किया अपने ख्वाब का। मुझे शौख नहीं अब तेरे साथ का। मुझे डर नहीं दिन रात का, मुझे शौख tere sath का।हा........