ढाबा बोर
ढाबा बोर पीठ पीछे बात करने वाले ना मर्द हवा सर्द मसले ना होते जिंदगी के कभी मेरे खत्म सिचुएशन काफ़ी टफ गले से निकलने वाला तू कफ पंच मारे सीधे फेस पे गाँव के हम जैसे सरपंच मारते मेहनत पे मेरे ये तंच बच्चे ये इन्हे खिलाओ थोड़ा अभी और लंच भरते हम माल नहीं भरते हम दम निशान कल रात का देखें ये सीसे मे खोल के बदन फेकते बाते नहीं सीधे खोल दें हम सर धर घूमने की आदत मेरी फुकने की आदत मेरी सर पे बनती जा रही थी आफत मेरी एक रात का वों फिर से दावत देती मतलब नहाने को सावर देती खाली पेटी अभी मेरी खाली पेटी चाहती मूझे से सोने की बाली अंकल की प्यारी बेटी समझ तू ये बात मेरा मतलब थोड़ा गलत मिजाज डालें मेरे गर्दन पे हाथ जिनको लगता मैं मजाक आ निचे लटका जो उसको ले थाम ओह नो what यू से बेब खाली रखता पूरा जेब देख घुमा दिया फिर भी तुझे सहर सारा कर के आँखे रेड मुझसे जो बनते तेज़ उनकी निकाल दू सारी असली फेस लगते मुझे भरोसे पे ठेस इसलिय कहता लिव me अलोन i लव माइक्रो फोन जिंदगी मेरी जैसे लोन बदल गए मेरे लिए सबके टोन मेरा अलग कुछ जोन ढूढ़ते रहते मुझमे दोष कर रखे बंदियों के संग सारे कोर्स मजे दें के मूझे देती वों छोड़ मैं कहता ज्यादा करना ना मूझे फ़ोर्स देता सीधे सर फोर शब्दों का ऐसा ज़ोर मचाते मेरे कानो मे आ के ये सोर फैलाते सिर्फ ये चोद निकाल लेता अलग मैं शोध सकल अकल दोनों से बकचोद गाली भी इन पे जचती नहीं ऐसे ये लोग मन मे रखता ना किसी से कुछ पाने की लोभ मेरी बाते तू छोड़ अभी दौर लगा और फिर तू मेरे लटके टांगो के बिच पहोच मेरी रोज merry से होती पोज़ सोच ऐसा की कहती मूझे ऐसे ना छोड़ बना के मोर लिया उसका डोज़ सुज़े दीखते रात होने के बाद उसके नोज पंच से कर दू सीधे विस्फोट भीड़ने की बात तो मैं माखन चोर देता दाभा बोल डाछा तोड़
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