बंद कमरा चार दिवारी ।
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बंद कमरा चार दिवारी । खुद को खोजने में खो दी दुनियां सारी। हां बंद कमरा चार दिवारी। बन बैठा में लिखारी। मुझे सब की लिखाई समझ आती। किसी को मेरी बाते समझ क्यों नही आती। इस गेम का बन बैठा में शिकारी। बंद कमरा चार दिवारी। अब यह दुनियां मुठ्ठी में अपनी सारी। यह कोई जादू नई यह है मेहनत और कलाकारी। जिसने मुझको छोड़ा उसकी बच्ची बन बैठी मेरी दीवानी। पर मैं हू हरामी किसी पे ना करता यकीन जरा भी। यह तुम ही लोगो की है मेहरबानी हां में हु हरामी। कलर लगते अब कुछ खास नहीं। तुझमें पहले जैसी अब बात नई। तुम मुझसे दूर हो मेरे साथ नई। साथ मेरे 24 घंटे जैसे मेरी परछाई। तुम्हारे जाने के बाद लगता कुछ खाश नई।
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बंद कमरा चार दिवारी । खुद को खोजने में खो दी दुनियां सारी। हां बंद कमरा चार दिवारी। बन बैठा में लिखारी। मुझे सब की लिखाई समझ आती। किसी को मेरी बाते समझ क्यों नही आती। इस गेम का बन बैठा में शिकारी। बंद कमरा चार दिवारी। अब यह दुनियां मुठ्ठी में अपनी सारी। यह कोई जादू नई यह है मेहनत और कलाकारी। जिसने मुझको छोड़ा उसकी बच्ची बन बैठी मेरी दीवानी। पर मैं हू हरामी किसी पे ना करता यकीन जरा भी। यह तुम ही लोगो की है मेहरबानी हां में हु हरामी। कलर लगते अब कुछ खास नहीं। तुझमें पहले जैसी अब बात नई। तुम मुझसे दूर हो मेरे साथ नई। साथ मेरे 24 घंटे जैसे मेरी परछाई। तुम्हारे जाने के बाद लगता कुछ खाश नई।