Brahman
एक तो ब्राह्मण का छोरा दूजे मेरा कोइ तोड न माथे ते तिलक बिराजे बुरा मैं देखूं न तीजे मैं संस्कारी संस्कार मेरे रक्त में behta.. किसी से व्यंगआत्मक बातें मैं करता न परशुराम ने कितनों का ही बिनास किया कितने ही भ्रमणों का नाम बताऊं या उनका इतिहास बताऊं मंगल पाण्डे, चंद्रशेखर तिवारी सदियों सदियों चलती आई ये hai ब्राह्मण की शक्ति मन मन में है मेरे भक्ति बिनासकाले विपरित बुद्धि कर देते हम सब की शुद्धि मैं ता बेफिक्र ब्राह्मण मुझे है फ़िकर कोई ना मैं नहीं मेरे नाम का मैं हूं सबके काम का भय से मैं दूर भक्ति में लीन भक्त हुँ परशुराम का मैं बना फिरूँ राजा हर शाम का बंदा नहीं आम सा सांति का भाव शांत हैं हम क्रोधित हुए तो प्रशुराम हैं हम हम कट्टर ब्राह्मण ब्राह्मण वादी ब्रह्मगामी,सत्यवादी और बुद्धि से भी से भी ब्राह्मण गर्भ हमें हम ब्राह्मण हैं ज्ञान से हम ज्ञान से हम दसानंद रावण हैं मैं नहीं मेरे नाम का मैं हूं सबके काम का भय से मैं दूर भक्ति में लीन भक्त हुँ परशुराम का एक तो ब्राह्मण का छोरा दूजे मेरा कोइ तोड न माथे ते तिलक बिराजे बुरा मैं देखूं न
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एक तो ब्राह्मण का छोरा दूजे मेरा कोइ तोड न माथे ते तिलक बिराजे बुरा मैं देखूं न तीजे मैं संस्कारी संस्कार मेरे रक्त में behta.. किसी से व्यंगआत्मक बातें मैं करता न परशुराम ने कितनों का ही बिनास किया कितने ही भ्रमणों का नाम बताऊं या उनका इतिहास बताऊं मंगल पाण्डे, चंद्रशेखर तिवारी सदियों सदियों चलती आई ये hai ब्राह्मण की शक्ति मन मन में है मेरे भक्ति बिनासकाले विपरित बुद्धि कर देते हम सब की शुद्धि मैं ता बेफिक्र ब्राह्मण मुझे है फ़िकर कोई ना मैं नहीं मेरे नाम का मैं हूं सबके काम का भय से मैं दूर भक्ति में लीन भक्त हुँ परशुराम का मैं बना फिरूँ राजा हर शाम का बंदा नहीं आम सा सांति का भाव शांत हैं हम क्रोधित हुए तो प्रशुराम हैं हम हम कट्टर ब्राह्मण ब्राह्मण वादी ब्रह्मगामी,सत्यवादी और बुद्धि से भी से भी ब्राह्मण गर्भ हमें हम ब्राह्मण हैं ज्ञान से हम ज्ञान से हम दसानंद रावण हैं मैं नहीं मेरे नाम का मैं हूं सबके काम का भय से मैं दूर भक्ति में लीन भक्त हुँ परशुराम का एक तो ब्राह्मण का छोरा दूजे मेरा कोइ तोड न माथे ते तिलक बिराजे बुरा मैं देखूं न