Wo बातें
UV BOY वो भी क्या दिन थे , जिनको अब भी हम गिनते , सब के मुंह खुशी से खिलते, दोस्त मेरे मिलते, भाई मेरको बोलते । भोले के गानों पे वो भी डोलते , अनमोल है मेरी लिखाई,लोगवो लगाते मोल थे रिश्तेदार तो साथ रहने का करते हैं ढोंग, जैसे उनके भी कोई फिल्मों में रोल थे । सच्ची सी बात में ये बहुत कुछ घोलते। सच के नाम पे ये बहुत झूठ बोलते। दूर तू जाके जल मत,जो भीहै तू मुंह पे बोल दे मां ने सिखाया ना कभी न करते पीठ पे वार । करना हे तो कर सामने उसके शेर का शिकार। स्क्वेयर ने कहा चार ही तो दिन जिंदगी का सार। अगर तुभी हार से सीखा है,तो सीखता जा , क्योंकि जीत से जरूरी होती हार हे ।। मैं भी योयो का फैन, अब्तो लगता भी जैसे बनरा मैं भी कलाकार मैं।। जिंदगी के शुरुआती दिनों में, अंगारों में धधकती आग का गोला था मैं, हाथ मेरा भी थामा था किसीने,लेकिन भोला था मैं , बातों में पता ना किसके आया था मैं, दिल में दबी उन्ही यादों को भुला ना पाया । दिल मेरा ही तो जाने इसने क्या कुछ खोए थे, रात को हम नशे में और दिनमें हम सोए थे, ।।।।खेर मेरी तू छोड़।।।।।।। काईको तुम करते गंदा, क्यूंकि बाद खुद ने ही तो धोए थे। गलती करने के बाद काइको तुम रो ए ते। हां करी है गलती तो उसे सुधारो। आम हे जिंदगी तो जिंदगी सुधारो । अमीर बनने को करो तुम मेहनत। वरना ऐसे ही तुम जिंदगी गुजारो।
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UV BOY वो भी क्या दिन थे , जिनको अब भी हम गिनते , सब के मुंह खुशी से खिलते, दोस्त मेरे मिलते, भाई मेरको बोलते । भोले के गानों पे वो भी डोलते , अनमोल है मेरी लिखाई,लोगवो लगाते मोल थे रिश्तेदार तो साथ रहने का करते हैं ढोंग, जैसे उनके भी कोई फिल्मों में रोल थे । सच्ची सी बात में ये बहुत कुछ घोलते। सच के नाम पे ये बहुत झूठ बोलते। दूर तू जाके जल मत,जो भीहै तू मुंह पे बोल दे मां ने सिखाया ना कभी न करते पीठ पे वार । करना हे तो कर सामने उसके शेर का शिकार। स्क्वेयर ने कहा चार ही तो दिन जिंदगी का सार। अगर तुभी हार से सीखा है,तो सीखता जा , क्योंकि जीत से जरूरी होती हार हे ।। मैं भी योयो का फैन, अब्तो लगता भी जैसे बनरा मैं भी कलाकार मैं।। जिंदगी के शुरुआती दिनों में, अंगारों में धधकती आग का गोला था मैं, हाथ मेरा भी थामा था किसीने,लेकिन भोला था मैं , बातों में पता ना किसके आया था मैं, दिल में दबी उन्ही यादों को भुला ना पाया । दिल मेरा ही तो जाने इसने क्या कुछ खोए थे, रात को हम नशे में और दिनमें हम सोए थे, ।।।।खेर मेरी तू छोड़।।।।।।। काईको तुम करते गंदा, क्यूंकि बाद खुद ने ही तो धोए थे। गलती करने के बाद काइको तुम रो ए ते। हां करी है गलती तो उसे सुधारो। आम हे जिंदगी तो जिंदगी सुधारो । अमीर बनने को करो तुम मेहनत। वरना ऐसे ही तुम जिंदगी गुजारो।
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