भाग दौड़ ft.annie
भाग दौड़ वाली मेरी ज़िन्दगी दो वक्त की रोटी भी नशीब नहीं मेहनत करता जमके रोज पर बोलता हु सबको है सब सही ! चलता रहु उम्मीद की किरण साथ है लफ्ज से लिपटा लिखू जो दिल की आग यह गिन के हु निपटा नकली यह इबादत है असली बोले कोण? झूट से ही राहत है रूह रूप इंसानी कैसी हल्कीसी आहट है कलाकार हु कला से जुड़े रहना यही मेरी चाहत है ! भाग दौड़ वाली मेरी ज़िन्दगी दो वक्त की रोटी भी नशीब नहीं मेहनत करता रोज पर बोलता हु सबको है सब सही ! रुक सा गया हु बड़ों के आगे अक्सर झुक ता गया हु मुझे देख तू थूकता गया क्यू क्या है वजह मेरे सामने कर तो बयान तू वैसे cool सा है बंदा तुझे चार सैया क्यू? युही भोला रवैया क्यू? भाग दौड़ वाली मेरी ज़िन्दगी दो वक्त की रोटी भी नशीब नहीं मेहनत करता रोज पर बोलता हु सबको है सब सही !
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